ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण: शुरुआती संकेत जिन्हें महिलाएं कभी नजरअंदाज न करें

ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में पाए जाने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है। इसलिए इसके लक्षणों (Breast Cancer Symptoms) की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि इसे शुरुआती अवस्था में ही पहचाना जा सके। अगर समय रहते ब्रेस्ट कैंसर के संकेत समझ लिए जाएं, तो इलाज आसान और प्रभावी हो सकता है। आइए जानते हैं, ब्रेस्ट कैंसर के प्रमुख लक्षण कौन-कौन से होते हैं और इन्हें कैसे पहचानें।

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ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण क्या होते हैं?
Highlights
  • अक्टूबर हर साल ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जाता है।
  • ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे आम प्रकार का कैंसर है।
  • कुछ लक्षणों की पहचान से ब्रेस्ट कैंसर का जल्दी पता लगाया जा सकता है।

महिलाओं में सबसे आम कैंसर में से एक ब्रेस्ट कैंसर है। हर साल इसकी वजह से लाखों महिलाओं की जान प्रभावित होती है। लेकिन अगर इसके लक्षणों (Breast Cancer Symptoms) को शुरुआती स्टेज में पहचान लिया जाए, तो इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल अक्टूबर को ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जाता है। ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए इसके लक्षणों को जानना बेहद जरूरी है। आइए जानें कि ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण (Symptoms of Breast Cancer) कौन-कौन से हैं और बचाव के लिए किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए।

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण क्या होते हैं?

ब्रेस्ट या बगल में गांठ: यह1 ब्रेस्ट कैंसर का सबसे आम संकेत है। गांठ अक्सर कठोर और दर्द रहित होती है, लेकिन कभी-कभी दर्द के साथ भी हो सकती है।

ब्रेस्ट के आकार या रूप में बदलाव: स्तन का आकार अचानक बढ़ना या घट जाना, या असामान्य रूप से दिखना।

ब्रेस्ट की त्वचा में बदलाव: त्वचा का नारंगी के छिलके जैसा दिखना, लाल होना, पपड़ी जमना, खुजली या जलन होना।

निप्पल में बदलाव: निप्पल का अंदर की ओर धंस जाना या निप्पल के आसपास त्वचा में खुजली या पपड़ी जमना।

निप्पल से डिस्चार्ज: निप्पल से खून या अन्य प्रकार का डिस्चार्ज निकलना।

ब्रेस्ट या निप्पल में दर्द: लगातार दर्द होना, जो पीरियड्स से संबंधित न हो।

ब्रेस्ट कैंसर से बचने के तरीके

डॉ. मनोज महाजन (डायरेक्टर ऑफ ऑन्कोलॉजी सर्विसेज, सीनियर कनसल्टेंट मेडिकल ऑन्कोलॉजी एंड हीमैटोलॉजी, पैसिफिक मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल/पारस हेल्थ, उदयपुर) के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता है। लेकिन स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने से इसके जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

नियमित जांच

सेल्फ-ब्रेस्ट एग्जामिनेशन: हर महिला को पीरियड्स के बाद महीने में एक बार अपने ब्रेस्ट की खुद जांच करनी चाहिए।

क्लिनिकल ब्रेस्ट एग्जामिनेशन: 20 से 30 साल की आयु के बीच हर 3 साल में और 40 साल की उम्र के बाद हर साल डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

मैमोग्राफी: 40 साल और उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण जांच है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से मैमोग्राफी कराएं।

स्वस्थ जीवनशैली: हेल्दी डाइट अपनाएं, वजन नियंत्रित रखें, रोजाना एक्सरसाइज करें और स्मोकिंग व शराब से बचें।

जानकारी का सही स्रोत: ब्रेस्ट कैंसर से जुड़ी गलत जानकारियों से बचें और किसी भी शंका के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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