बिहार चुनाव 2025: प्रशासन सख्त, बिना अनुमति के धरना-प्रदर्शन और कुछ अन्य गतिविधियों पर रोक

पटना में विधानसभा चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है। अब जिले में बिना अनुमति कोई भी सभा, जुलूस या प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। शस्त्र प्रदर्शन और भड़काऊ प्रचार सामग्री पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। यह कदम चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मतदाताओं को डराने-धमकाने से रोकने के लिए उठाया गया है।

Admin
सभा-जुलूस के लिए अब अनुमति अनिवार्य।
Highlights
  • पटना चुनाव से पहले निषेधाज्ञा लागू: सभा-जुलूस और प्रदर्शन पर रोक, शस्त्र प्रदर्शन व भड़काऊ प्रचार प्रतिबंधित
  • पटना में चुनाव से पहले सख्ती: बिना अनुमति सभा, जुलूस और भड़काऊ प्रचार पर पाबंदी
  • चुनाव से पहले पटना में निषेधाज्ञा, शस्त्र प्रदर्शन और भड़काऊ गतिविधियों पर रोक

जिला निर्वाचन पदाधिकारी और डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने विधानसभा चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह निर्णय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत लिया गया है।

अब जिले में कोई भी व्यक्ति या राजनीतिक दल बिना अनुमति सभा, जुलूस या धरना-प्रदर्शन नहीं कर सकेगा। साथ ही, शस्त्र प्रदर्शन और भड़काऊ सामग्री के प्रचार-प्रसार पर सख्त पाबंदी रहेगी।

डॉ. त्यागराजन ने बताया कि चुनाव प्रचार शुरू होने के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों द्वारा जनसभा और जुलूस आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के चलते शस्त्र या शक्ति प्रदर्शन से मतदाताओं को डराने और कानून-व्यवस्था भंग करने की संभावना रहती है, इसलिए यह कदम उठाया गया है।

इसके अलावा, मतदाताओं को डराने-धमकाने और जातीय, साम्प्रदायिक या धार्मिक विद्वेष फैलाने के लिए असामाजिक तत्व सक्रिय हो सकते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा रहता है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक या अधिकतम 60 दिन तक (जो भी पहले हो) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत पूरे जिले में निषेधाज्ञा लागू की जाएगी।

ये गतिविधियाँ निषेधाज्ञा के अंतर्गत शामिल होंगी

सभा, जुलूस और प्रदर्शन: कोई भी व्यक्ति या राजनीतिक दल बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार की राजनीतिक सभा, जुलूस, धरना या प्रदर्शन नहीं कर सकेगा। अनुमति की शर्तों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई होगी।

लाउडस्पीकर का प्रयोग: रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का इस्तेमाल वर्जित रहेगा।

प्रचार सामग्री: किसी प्रकार के पोस्टर, पर्चे, आलेख, फोटो या आपत्तिजनक सामग्री का प्रकाशन या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम (WhatsApp, SMS आदि) से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करना मना है।

धार्मिक स्थलों का इस्तेमाल: राजनीतिक प्रचार के लिए किसी धार्मिक स्थल का प्रयोग और साम्प्रदायिक भावनाओं को भड़काना प्रतिबंधित है।

मतदाताओं को प्रभावित करना: किसी भी व्यक्ति या दल द्वारा मतदाताओं को डराना, धमकाना या प्रलोभन में लाना मना है।

पर्यावरण एवं प्रदूषण: प्रदूषण फैलाने वाली प्रचार सामग्री का उपयोग राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा।

शस्त्र और हथियार प्रदर्शन: आग्नेयास्त्र, तीर-धनुष, लाठी, भाला, गड़ासा और मानव शरीर के लिए खतरनाक हथियार का सार्वजनिक प्रदर्शन प्रतिबंधित है। केवल आदेश में निर्दिष्ट लाइसेंसधारी शस्त्र निरीक्षण और जमा करने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।

आचार संहिता का पालन: किसी भी राजनीतिक दल, व्यक्ति या संगठन को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता के निर्देशों का उल्लंघन नहीं करना होगा।

कुछ अपवाद: पूर्व अनुमति प्राप्त सभा, जुलूस, शादी-बारात, शव यात्रा, हाट-बाजार, अस्पताल, विद्यालय/महाविद्यालय में जाने वाले छात्र और सरकारी कर्मचारियों/पुलिस कर्मियों पर यह आदेश लागू नहीं होगा।

वाहनों का उपयोग: चुनाव प्रचार के लिए वाहनों का उपयोग केवल आयोग से अनुमति मिलने पर ही किया जा सकेगा। वाहन काफिला में निर्धारित सीमा का पालन अनिवार्य है और प्रचार सामग्री तथा वाहन स्वरूप में बदलाव केवल सक्षम अधिकारी की अनुमति से ही संभव है।

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